अगर आपके बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है, तो अपनाएं ये आसान उपाय और देखें कमाल!

बच्चों की परीक्षा का समय माता-पिता के लिए भी एक चुनौती होता है. एकाग्रता बढ़ाने के लिए सही माहौल, ज्योतिषीय उपाय और सकारात्मक सोच जरूरी है. जानिए कैसे छोटे-छोटे बदलाव बच्चों की सफलता में बड़ा अंतर ला सकते हैं!

Representative Image (Photo Ai)

Representative Image (Photo Ai)

संदीप कुमार

03 Apr 2025 (अपडेटेड: 03 Apr 2025, 10:13 AM)

follow google news

नैना (काल्पनिक नाम) एक होनहार छात्रा थी, लेकिन जैसे ही परीक्षा का समय नजदीक आया, वह घबराने लगी. पढ़ाई में ध्यान नहीं लग पा रहा था, याद किया हुआ भूलने लगी और तनाव बढ़ता जा रहा था. यह देखकर उसके माता-पिता चिंतित हो गए.

Read more!

इसी दौरान, नैना की मां को किसी ने ज्योतिषी से सलाह लेने की सुझाव दिया. पहले तो उन्होंने इसे मजाक में टाल दिया, लेकिन जब नैना का डर और तनाव उसके प्रदर्शन को प्रभावित करने लगा, तो वह ज्योतिषी के पास जाने को मजबूर हो गईं.

ज्योतिषी ने बताया कि बच्चों की शिक्षा पर ग्रहों का गहरा प्रभाव पड़ता है. चंद्रमा मन को नियंत्रित करता है, बुध बुद्धि को, और सूर्य एकाग्रता व स्वास्थ्य को प्रभावित करता है. यदि ये ग्रह संतुलित हों, तो पढ़ाई में सफलता मिल सकती है.

इस विषय पर प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडेय से जानते हैं कि परीक्षा के दौरान बच्चों का ध्यान कैसे रखा जाए, शिक्षा का ग्रहों से क्या संबंध है, और किन उपायों से आपका बच्चा पढ़ाई में अव्वल रह सकता है.

बच्चों की पढ़ाई और ग्रहों का प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार, बच्चों की शिक्षा और जीवन पर कुछ ग्रहों का गहरा प्रभाव होता है. चंद्रमा, जो मन का स्वामी है, जन्म से लेकर 12 साल तक बच्चों के जीवन को संचालित करता है. यह पढ़ाई और मानसिक स्तर को प्रभावित करता है. इसके बाद किशोरावस्था में बुद्ध (बुध ग्रह) का प्रभाव बढ़ता है, जो बुद्धि और तर्कशक्ति को नियंत्रित करता है. वहीं, सूर्य बच्चों के स्वास्थ्य और एकाग्रता के लिए जिम्मेदार होता है. इन तीनों ग्रहों - चंद्रमा, सूर्य और बुद्ध - का संतुलन बच्चों की पढ़ाई में सफलता के लिए जरूरी है. इसके अलावा, खानपान और पारिवारिक माहौल भी बच्चे के प्रदर्शन पर असर डालते हैं. जैसा कि कहा जाता है, "जैसा अन्न, वैसा मन" - बच्चे का भोजन उसके मन और शरीर को प्रभावित करता है.

पढ़ाई में एकाग्रता के लिए टिप्स

अगर आपका बच्चा पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पा रहा है, तो कुछ आसान उपाय अपनाएं:
निश्चित पढ़ाई की जगह: बच्चे के लिए एक फिक्स्ड पढ़ाई का स्थान बनाएं, जहां वह रोजाना पढ़ सके. बार-बार जगह बदलने से बचें.

  • चंदन की सुगंध: सुबह-शाम पढ़ाई की जगह पर चंदन की धूप जलाएं. धुआं खत्म होने के बाद सुगंध बनी रहनी चाहिए.
     
  • प्रकाश का ध्यान: पढ़ाई के स्थान पर अच्छी रोशनी का इंतजाम करें. प्रकाश सेरोटोनिन हार्मोन को बढ़ाता है, जो मन को खुश और एकाग्र रखता है.
     
  • भगवान कृष्ण का चित्र: पढ़ाई की जगह पर भगवान कृष्ण का छोटा चित्र या मूर्ति रखें, इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी.

माता-पिता का व्यवहार

पढ़ाते समय माता-पिता को धैर्य रखना चाहिए. बच्चे को डांटने या दबाव डालने से बचें. उसका मनोबल बढ़ाएं, शाबाशी दें और शांत मन से उसकी मदद करें. परीक्षा के समय बच्चे को भावनात्मक समर्थन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है.

याददाश्त बढ़ाने के उपाय

कई बच्चे पढ़ाई तो करते हैं, लेकिन परीक्षा के दौरान भूल जाते हैं. इसके लिए:

  • गायत्री मंत्र: बच्चे को रोज सुबह 9 या 27 बार गायत्री मंत्र पढ़ने की आदत डालें.
     
  • चंदन का तिलक: माथे या कंठ पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं.
     
  • खानपान: एक साथ ज्यादा भोजन न दें. अखरोट खिलाएं, जो दिमाग के लिए फायदेमंद है.

परीक्षा के डर को दूर करें

अगर बच्चा परीक्षा से डरता है या घबराता है, तो:

  • सूर्य को प्रणाम: सुबह नहाने के बाद बच्चे को सूर्य की रोशनी में 1 मिनट तक प्रणाम करने की आदत डलवाएं.
     
  • पेंसिल बॉक्स का रंग: पीले या हरे रंग का पेंसिल बॉक्स दें.
     
  • चंदन सुगंधित रुमाल: बच्चे को ऐसा रुमाल दें, जिसमें हल्की चंदन की खुशबू हो.

खानपान और माहौल का ध्यान

  • बच्चे को फास्ट फूड जैसे बर्गर, पिज्जा से दूर रखें. ये चीजें मन को चंचल बनाती हैं. इसके बजाय केला, हरी सब्जियां और खिचड़ी जैसे हल्के भोजन दें.
     
  • बच्चे से दिन में एक बार छोटी प्रार्थना करवाएं, जैसे - "मुझे जीवन में सफलता दें और अपनी कृपा बनाए रखें."
     
  • परीक्षा से ठीक पहले नए रत्न या पत्थर न पहनाएं, क्योंकि यह मानसिक बदलाव ला सकता है.

माता-पिता के लिए सलाह

बच्चे पर ज्यादा दबाव न डालें. परीक्षा के नंबर जीवन की सफलता का पैमाना नहीं हैं. बच्चे को बस इतना कहें कि वह मेहनत करे और परीक्षा दे, बाकी परिणाम की चिंता न करे. इन छोटे-छोटे उपायों से न केवल बच्चे का प्रदर्शन बेहतर होगा, बल्कि वह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेगा.

ये भी पढ़िए: घर में रखी एक छोटी-सी लौंग से बदल सकती है आपकी किस्मत! जानिए इसके चमत्कारी फायदे

Disclaimer: यह जानकारी ज्योतिष और उसके इर्द-गिर्द बनी मान्यताओं और तर्कों पर आधारित है. हम ज्योतिर्विद के हवाले से यह जानकारी आपको दे रहे हैं. न्यूज़ तक ऐसी मान्यताओं और टोटकों का समर्थन नहीं करता है.

    follow google newsfollow whatsapp