हर कोई गारंटीड और सुरक्षित रिटर्न चाहता है. बाजार के चढ़ाव-उतार के बाद लोगों ने ये तो समझ लिया है कि पूरा पैसा म्युचुअल फंड में लगाना रिस्की हो सकता है. फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स भी यही कहते हैं कि निवेश का कुछ हिस्सा गारंटीड और सुरक्षित रिटर्न वाले स्कीम्स में लगाना चाहिए. ऐसे में FD, SCSS के अलावा हर महीने इनकम के लिए पोस्ट ऑफिस की मंथली स्कीम भी काफी पपुलर है.
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पर्सनल फाइनेंस (Personal Finance) की इस सीरीज में पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं. इसके साथ ही इसकी तुलना एफडी से करके भी विस्तार से बताएंगे. साथ ही बुजुर्गों के लिए SCSS से भी तुलना करेंगे.
Post Office Monthly Income Scheme (POMIS) एक सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाली बचत योजना है, जिसे भारतीय डाक विभाग संचालित करता है. इसमें आप एकमुश्त पैसा निवेश करके हर महीने एक निश्चित ब्याज प्राप्त कर सकते हैं. यह कम जोखिम वाली योजना होती है, जो मुख्य रूप से रिटायर्ड लोगों, घर की गृहणियों जिनके पास बड़ी रकम हो या उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो नियमित मासिक आय चाहते हैं. FD का विकल्प खोज रहे और 60 वर्ष से कम आयु वालों के लिए ये स्कीम बेहतर विकल्प हो सकती है.
POMIS की मुख्य खास बातें
निवेश सीमा
- न्यूनतम निवेश: ₹1,000
- अधिकतम निवेश: 9 लाख रुपए एकल, संयुक्त (अधिकतम 3 लोग) 15 लाख रुपए.
- संयुक्त खाते में सभी खाताधारकों के बीच ब्याज राशि समान रूप से वितरित होती है.
- नाबालिग/विक्षिप्त व्यक्ति की ओर से अभिभावक पैसे लगा सकते हैं.
- 10 वर्ष से अधिक आयु का नाबालिग के नाम पर अकाउंट ओपन हो सकता है.
ब्याज दर
- वर्तमान ब्याज दर (अप्रैल-जून 2024): 7.4% प्रति वर्ष है. (सरकार हर तिमाही इसे संशोधित कर सकती है).
- ब्याज हर महीने दिया जाता है और यह फिक्स्ड होता है.
परिपक्वता अवधि (Maturity Period)
- 5 साल (60 महीने)
- परिपक्वता के बाद इसे आगे बढ़ाया जा सकता है या राशि निकाल सकते हैं.
ब्याज भुगतान
- ब्याज का भुगतान हर महीने सीधे बैंक खाते में किया जाता है. इसे निकाला जा सकता है.
- अगर ब्याज को खाते से नहीं निकाला जाता, तो वह बिना किसी अतिरिक्त ब्याज के वहीं जमा रहता है.
टैक्स बेनिफिट
- POMIS पर निवेश की गई राशि धारा 80C के तहत टैक्स छूट के लिए योग्य नहीं है.
- इसमें अर्जित ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल होता है.
निकासी और बंद करने के नियम
- 5 साल से पहले निकासी करने पर पेनाल्टी लगेगी.
- 1 साल से पहले निकासी: कोई रकम वापस नहीं मिलेगी.
- 1 से 3 साल के बीच निकासी: जमा राशि का 2% पेनाल्टी कटेगी.
- 3 से 5 साल के बीच निकासी: जमा राशि का 1% पेनाल्टी कटेगी.
- परिपक्वता के बाद निकासी करने पर कोई पेनाल्टी नहीं.
POMIS खाता कैसे खोलें?
- नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर
- Aadhaar कार्ड, PAN कार्ड, एड्रेस प्रूफ, पासपोर्ट साइज फोटो और चेक/कैश के साथ आवेदन करें.
FD Vs POMIS Vs SCSS
विशेषता | SCSS | FD | POMIS |
ब्याज दर | 8.2% सालाना | 5% - 7% (बैंक के अनुसार अलग-अलग) | 7.4%वार्षिक |
अवधि | 5 वर्ष (3 साल तक बढ़ा सकते हैं) | 7 दिन से 10 वर्ष तक | 5 साल |
न्यूनतम निवेश | ₹1,000 | ₹1,000 | ₹1,000 |
अधिकतम निवेश | ₹30 लाख | बैंक के मुताबिक | व्यक्तिगत: ₹9 लाख संयुक्त: ₹15 लाख |
ब्याज का भुगदान | तिमाही | मासिक/तिमाही/वार्षिक | मासिक |
टैक्स से छूट | धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक | 5 साल की FD पर 80C के तहत ₹1.5 लाख तक | नहीं |
मैच्योरिटी से पहले निकासी | 1 साल के बाद जुर्माने के साथ | बैंक के अनुसार | 1 साल के बाद जुर्माने के साथ |
POMIS, SCSS, FD में ₹15 लाख निवेश पर रिटर्न
POMIS
- ब्याज दर: 7.4 फीसदी सालाना.
- मासिक ब्याज: ₹9,250
- कुल 5 साल में ब्याज: ₹5,55,000
- कोई टैक्स छूट नहीं, लेकिन पैसा सुरक्षित रहेगा.
FD
- ब्याज दर: 7% प्रति वर्ष (मान लिया औसतन)
- मासिक ब्याज: ₹8,750 (मासिक ब्याज विकल्प चुनने पर).
- कुल 5 साल में ब्याज: ₹6,12,000 (तिमाही कंपाउंडिंग पर अधिक हो सकता है).
- 5 साल की FD पर धारा 80C में टैक्स छूट मिलेगी, लेकिन ब्याज टैक्सेबल होगा.
SCSS
- ब्याज दर: 8.2% प्रति वर्ष
- तिमाही ब्याज: ₹30,750
- मासिक अनुमानित ब्याज: ₹10,250
- कुल 5 साल में ब्याज: ₹7,38,000
- धारा 80C में टैक्स छूट, ₹50,000 तक ब्याज टैक्स फ्री.
निष्कर्ष: यदि आप सीनियर सिटीजन हैं तो SCSS ज्यादा फायदे वाला निवेश है. यदि आप फ्लैक्सिबिलिटी के साथ मंथली रिटर्न चाहते हैं तो FD बेहतर रहेगा. यदि आप 5 साल के लिए पैसे लॉक पर हर महीने गारंटीड इनकम चाहते हैं तो POMIS में निवेश कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर : ये कैलकुलेशन मौजूदा ब्याज दर पर है. निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
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