पैसे एकमुश्त लगाकर हर महीने, तिमाही, सालाना या मैच्योरिटी पर ब्याज पाने के लिए कई स्कीम्स प्रचलित हैं. उन्हीं में से एक है पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट. इसमें 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल के लॉकिंग पीरियड की सुविधा मिलती है. जैसा लॉकिंग पीरियड वैसा ब्याज ऑफर किया जाता है. ये पोस्ट ऑफिस की योजना है. इसपर ब्याज दर सरकार की तरफ से ऑफर किया जाता है. ये स्कीम काफी सुरक्षित और गारंटीड मानी जाती है. फिलहाल 5 साल के टाइम डिपॉजिट पर 7.5 फीसदी का ब्याज मिल रहा है.
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18 साल के नकुल के माता-पिता उनके नाम से 5 लाख रुपए फिक्स करना चाहते हैं. उनके सामने बैंक FD और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (POTD) दो विकल्प हैं. अब वे कन्फ्यूज्ड हैं कि किसमें जाएं. कहां बेहतर रिटर्न मिलेगा. कहां फ्लैक्सिबिलिटी रहेगी. कहां पैसा सुरक्षित रहने के साथ गारंटीड रिटर्न मिलेगा.
Personal FInance की इस सीरीज में हम पोस्ट ऑफिस की लोकप्रिय योजना 'टाइम डिपॉजिट' के बारे में बताने जा रहे हैं. इसकी बैंक FD समेत दूसरे स्कीम्स से तुलना भी करेंगे.
नकुल के पैरेंट्स उनके नाम पर 5 लाख रुपए 5 साल के लिए POTD में लगाते हैं. 7.5 फीसदी ब्याज से कैलकुलेट करने पर नकुल को 5 साल बाद 2 लाख रुपए से ज्यादा ब्याज मिलेगा और मूलधन भी सेफ रहेगा. नकुल को मैच्योरिटी पर कुल 7,24,974 रुपए मिलेंगे.
POTD की खास बातें
- निवेश अवधि: 1 वर्ष, 2 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष.
- ब्याज दरें अप्रैल 2025 तक (सालाना): 1 वर्ष: 6.9%, 2 वर्ष: 7.0%, 3 वर्ष: 7.1% और 5 वर्ष: 7.5%.
- न्यूनतम निवेश: खाता खोलने के लिए न्यूनतम राशि ₹1,000 है.
- अधिकतम निवेश: ₹100 के गुणकों में निवेश किया जा सकता है. अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है.
- कर लाभ: 5 वर्ष की अवधि वाली टाइम डिपॉजिट में निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट मिलेगी.
- ब्याज पर TDS: ब्याज से आय पर टीडीएस तो नहीं करता पर इनकम टैक्स स्लैब से ज्यादा होने पर टैक्स कट सकता है.
- ब्याज भुगतान: ब्याज की गणना वार्षिक किया जाता है, लेकिन तिमाही आधार पर संयोजित (कंपाउंड) होता है. इसका अर्थ है कि ब्याज की राशि हर तिमाही के अंत में मूलधन में जोड़ दी जाती है, जिससे अगले तिमाही में उस पर भी ब्याज मिलता है.
- पूर्व निकासी: टाइम डिपॉजिट खाता खोलने के 6 महीने बाद से पहले निकासी की अनुमति नहीं है. 6 महीने से 12 महीने के बीच निकासी करने पर, बचत खाता ब्याज दर लागू होगी. 1 वर्ष से अधिक की जमा पर, पूर्व-परिपक्वता निकासी पर संबंधित अवधि की जमा पर लागू ब्याज दर से 2% कम ब्याज दिया जाएगा.
- खाता एकल या संयुक्त: टाइम डिपॉजिट खाता एकल या संयुक्त नामों में खोला जा सकता है
- नाबालिग के लिए खाता: नाबालिगों के लिए भी खाता खोला जा सकता है. 10 वर्ष से अधिक आयु के नाबालिग स्वयं खाता संचालित कर सकते हैं.
- परिपक्वता पर नवीनीकरण: खाता धारक खाता बंद कर सकते हैं या इसे नवीनीकरण कर सकते हैं.
FD और POTD में कौन है बेस्ट?
विशेषता | पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) | बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) |
ब्याज दर (मार्च 2025 तक) | 1 साल – 6.9% 2 साल – 7.0% 3 साल – 7.1% 5 साल – 7.5% | बैंक पर निर्भर करता है (6.5% – 7.75% सामान्य FD के लिए) |
ब्याज गणना | तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounded) | मासिक, तिमाही, छमाही, या वार्षिक विकल्प उपलब्ध |
निवेश अवधि | 1, 2, 3, और 5 साल | 7 दिन से 10 साल तक |
न्यूनतम निवेश | ₹1,000 (100 के गुणकों में) | ₹1,000 से ₹5,000 (बैंक पर निर्भर) |
ब्याज पर TDS (Tax Deducted at Source) | TDS नहीं कटता | ₹40,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) से अधिक ब्याज पर TDS कटता है |
सुरक्षा | 100% सरकारी गारंटी | DICGC बीमा के तहत ₹5 लाख तक सुरक्षित |
समय से पहले निकासी | 6 महीने बाद निकासी संभव (पेनल्टी लागू) | FD टाइप पर निर्भर (पेनल्टी लागू) |
ब्याज भुगतान विकल्प | परिपक्वता पर (Reinvestment) | मासिक, तिमाही, छमाही, वार्षिक या परिपक्वता पर |
वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त ब्याज | नहीं मिलता | बैंक FD में 0.5% अधिक ब्याज मिलता है |
खाता खोलने की जगह | सिर्फ पोस्ट ऑफिस में | बैंक (SBI, HDFC, ICICI, आदि) या ऑनलाइन |
कौन है बेहतर?
क्या चाहिए? | बैंक FD चुनें | पोस्ट ऑफिस TD चुनें |
अगर आपको ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी चाहिए | Y | N |
अगर आप सरकारी गारंटी वाला निवेश चाहते हैं | N | Y |
अगर आपको वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिक ब्याज चाहिए | Y | N |
अगर आपको 80C टैक्स सेविंग FD चाहिए | Y | Y |
अगर आप चाहते हैं कि ब्याज पर TDS न कटे | N | Y |
अगर आपको बैंकिंग सुविधा चाहिए (नेट बैंकिंग, UPI, आदि) | Y | N |
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