MP News: मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है. लगभग 7.5 लाख कर्मचारियों को अब परिवहन भत्ता और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बढ़ोतरी का तोहफा मिलेगा. यह बदलाव 15 साल बाद लागू किया गया है. मोहन सरकार ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.
ADVERTISEMENT
भत्तों में कितनी हुई बढ़ोतरी?
नए फैसले के तहत परिवहन भत्ता (Transport Allowance) को 200 रुपये से बढ़ाकर 384 रुपये कर दिया गया है. वहीं, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए यह भत्ता 350 रुपये से बढ़कर 675 रुपये हो गया है. इसके अलावा, हाउस रेंट अलाउंस अब सातवें वेतन आयोग के मूल वेतन के आधार पर तय होगा. इसमें शहरों की श्रेणी के हिसाब से बढ़ोतरी होगी:
- A श्रेणी के शहर: 10%
- B श्रेणी के शहर: 7%
- C और D श्रेणी के शहर: 5%
अन्य भत्तों में भी इजाफा
सरकार ने केवल परिवहन और HRA तक सीमित नहीं रखा, बल्कि दैनिक भत्ता, वाहन भत्ता, भोजन भत्ता और स्थायी यात्रा भत्ता जैसे अन्य लाभों में भी वृद्धि की है. इसके साथ ही कर्मचारियों के ट्रांसफर के दौरान घर का सामान ढोने के लिए महंगाई के आधार पर भत्ता दिया जाएगा.
सरकार पर 1500 करोड़ का अतिरिक्त बोझ
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इस फैसले से राज्य सरकार पर सालाना 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पहले कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के आधार पर भत्ते मिलते थे, लेकिन अब इन्हें सातवें वेतन आयोग से जोड़ दिया गया है. यह कदम कर्मचारियों के हित में उठाया गया है.
कर्मचारियों के लिए क्यों है खास?
15 साल बाद भत्तों में यह बदलाव कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात है. बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा. खासकर दिव्यांग कर्मचारियों के लिए भत्ते में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी एक सराहनीय कदम माना जा रहा है.
ADVERTISEMENT