मध्य प्रदेश के इंदौर में दो साल पहले रामनवमी के दिन बेलेश्वर महादेव बावड़ी में हुए दर्दनाक हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई थी. इस दिल दहलाने वाली हादसे में पुलिस ने दो को आरोपी बनाया था. अब दो साल बाद नवरात्रि में ही कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है. कोर्ट ने उन्हें इस हादसे का जिम्मेदार नहीं माना है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इंदौर में हुए इस भयानक हादसे का जिम्मेदार कौन है, जिसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी.
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इंदौर में आज से ठीक दो साल पहले 30 मार्च 2023 राम नवमी के दिन पटेल नगर स्थित बेलेश्वर महादेव मंदिर में हवन का आयोजन किया गया था, उस दौरान हवन करते समय बावड़ी गई थी. जिसमें कई लोग समा गए थे. इस पूरे मामले में देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था. रेस्क्यू के लिए आर्मी की मदद भी ली गई थी. इस मामले में जमकर राजनीति भी हुई थी.
इन दोनों को पुलिस ने बनाया था आरोपी
जूनी इंदौर पुलिस ने बेलेश्वर महादेव मंदिर के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरलीधर सबनानी को दोषी मानते हुए आरोपी बनाया गया था, जिसमें पुलिस ने दोनों की लापरवाही दर्शायी थी. इस पूरे मामले में कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए थे. घटना के एक साल बाद अध्यक्ष और सचिव को पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.
इस चर्चित केस में इंदौर की लोअर कोर्ट में आज दोनों आरोपियों को दोषमुक्त पाया है, आपको बता दें इस पूरी घटना में 36 व्यक्तियों की मौत हो गई थी और 18 भक्त घायल हो गए थे. ये सब लोग हवन में शामिल हुए थे. अध्यक्ष शिवाराम गलानी के वक़ील राघवेंद्र सिंह पुलिस ने बताया कि पुलिस ने इस मामले की जांच की थी. पूरे मामले में दो आरोपी बनाए गए थे.
33 लोगों ने कोर्ट में दी थी गवाही
इस पूरे मामले में 33 गवाह कोर्ट में पेश हुए थे. सबके कथन सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों को दोषमुक्त करार दिया है. वहीं, कोर्ट ने पुलिस की जांच पर कहा की पुलिस ने लापरवाही की है. ठीक से जांच नहीं की है. वहीं अधिवक्ता बेस ने बताया कि कोर्ट द्वारा यह मान्य किया गया कि नगर निगम को भी यह पता नहीं था. वह बावड़ी है जबकि निगम कार्यालय वहीं पर मौजूद था. इसके साथ ही नगर निगम की भी इस पूरे मामले में लापरवाही है.
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