मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के कोंडावत गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. कुएं की सफाई के लिए उतरे 8 लोगों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई. यह हादसा उस वक्त हुआ जब ये लोग गणगौर विसर्जन की तैयारी के लिए कुएं को साफ करने नीचे उतरे थे. मृतकों में राकेश पटेल, अनिल पटेल, अजय पटेल, शरण पटेल, वासुदेव पटेल, अर्जुन पटेल और मोहन पटेल शामिल हैं.
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जहरीली गैस बनी काल
प्रशासन के अनुसार, यह कुआं काफी समय से बंद था और इसकी सफाई नहीं हुई थी. इससे कुएं में गाद जमा हो गई थी, जिसके चलते जहरीली गैस बनने की संभावना जताई जा रही है. 3 अप्रैल, गुरुवार को सफाई के लिए एक-एक करके आठ लोग कुएं में उतरे. लेकिन गैस की वजह से सभी बेहोश हो गए और पानी में डूब गए. जब लंबे समय तक कोई बाहर नहीं आया, तो गांव वालों ने हंगामा शुरू कर दिया और तुरंत प्रशासन को सूचित किया.
सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम मौके पर पहुंची. रस्सियों और जाल की सहायता से बचाव कार्य शुरू किया गया. कड़ी मशक्कत के बाद सभी आठ शवों को कुएं से बाहर निकाला गया. हादसे के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया है और मृतकों के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है.
सीएम ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की. सीएम ने कहा, "यह बेहद दुखद घटना है. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मृतकों की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को यह दुख सहने की ताकत मिले."
कुओं की सफाई में सावधानी जरूरी
यह घटना एक बार फिर पुराने और बंद पड़े कुओं की सफाई के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बंद रहने वाले कुओं में जहरीली गैस जमा हो सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है. प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि ऐसी जगहों पर काम करने से पहले सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित करें.
गांव में छाया मातम
कोंडावत गांव में इस हादसे के बाद मातम का माहौल है. एक साथ आठ लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके.
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