महाकुंभ 2025 के दौरान माला बेचने वाली वायरल 'मोनालिसा' की जिंदगी में अब एक नया मोड़ आ चुका है. गांव की इस मासूम लड़की ने सोशल मीडिया पर अपनी सादगी और मेहनत से लोगों का दिल जीत लिया था. अब निर्देशक सनोज मिश्रा ने उन्हें अपनी आगामी फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में कास्ट कर एक नया मुकाम देने का फैसला किया है.
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हालांकि, कुछ लोगों ने मोनालिसा की मासूमियत का फायदा उठाते हुए आरोप लगाया कि सनोज मिश्रा ने उन्हें अपने जाल में फंसाया है. इन आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, मिश्रा ने कहा, "मैंने मोनालिसा को सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में एक मौका दिया है, शोषण का कोई सवाल ही नहीं. अगर मेरे ऊपर कोई भी दाग साबित हुआ, तो मैं सिनेमा छोड़ने से भी पीछे नहीं रहूंगा." उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि उनके इरादे कितने सच्चे हैं.
मोनालिसा ने भी रखी बात
असल में, सनोज मिश्रा पर आरोप लगा है कि वह मोनालिसा को फंसा रहे हैं और उसे सिर्फ घुमा रहे हैं. अब इस मामले में मोनालिसा ने भी खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि अफवाहों में उनका कोई वास्ता नहीं, और वे अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ना चाहती हैं. उनके इस साहसिक बयान ने उन सभी झूठी खबरों के खिलाफ सच्चाई की जीत का परिचायक बनते हुए जनता का समर्थन जुटाया है.
सनोज मिश्रा ने दिया करारा जवाब
साथ ही, प्रोड्यूसर जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी द्वारा लगाए गए आरोपों का भी सनोज मिश्रा ने कड़ा जवाब दिया. मिश्रा ने आरोप लगाया कि 'जितेंद्र का असली मकसद लाइमलाइट पाने के लिए झूठी खबरें फैलाना है. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि एक लड़की को झूठे मामलों में फंसाने के लिए 2 लाख रुपये दिए गए थे, जिसका उद्देश्य मोनालिसा के उज्जवल भविष्य को प्रभावित करना था.'
सनोज मिश्रा का कहना है कि देश का समर्थन उनके साथ है और सच्चाई अंततः सामने आ ही जाएगी. उनके इस दृढ़ बयान से यह स्पष्ट हो जाता है कि सिनेमा उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है, और वे किसी भी अंधविश्वास या फर्जी खबरों के खिलाफ डटकर खड़े हैं.
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