पन्नू हत्या केस की जांच करेगी भारत सरकार, रॉ के पूर्व अधिकारी विक्रम यादव दिल्ली से गिरफ्तार

ललित यादव

15 Oct 2024 (अपडेटेड: Oct 15 2024 3:22 PM)

खालिस्तानी गुरुपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश का मामला खूब सुर्खियों में रहा था. इस मामले पर भारत-अमेरिका में बीच खूब बयानबाजियां भी देखने को मिली थी. अमेरिका अखबार ने दावा किया था कि पन्नू की हत्या की कोशिश के पीछे भारतीय अधिकारियों का हाथ है.

गुरुपतवंत सिंह पन्नू मर्डर केस में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है (फाइल फोटो)

गुरुपतवंत सिंह पन्नू

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खालिस्तानी गुरुपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश का मामला खूब सुर्खियों में रहा था. इस मामले पर भारत-अमेरिका में बीच खूब बयानबाजियां भी देखने को मिली थी. अमेरिका अखबार ने दावा किया था कि पन्नू की हत्या की कोशिश के पीछे भारतीय अधिकारियों का हाथ है. जिसके बाद भारत ने इसकी जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था जो आज यानी 15 अक्टूबर को अमेरिका दौरे पर जाएगी. इस मामले में अमेरिका ने पूर्व रॉ अधिकारी विक्रम यादव के शामिल होने का आरोप लगाया था. जिसपर भारत ने दिल्ली में विक्रम यादव को गिरफ्तार किया गया है. विक्रम यादव अभी जमानत पर चल रहे थे.

नवंबर 2022 में, फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिका में पन्नू को मारने की साजिश रची गई, जिसे अमेरिका ने नाकाम कर दिया था. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि अमेरिका ने भारत सरकार को इस मामले पर चेतावनी भी जारी की थी. इस मामले पर भारत ने अमेरिकी आरोपों का पुरजोर खंडन किया था. सरकार ने पन्नू की हत्या की साजिश के आरोपों की जांच के लिए 18 नवंबर, 2023 को एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन भी किया था.

पन्नू की हत्या की साजिश पर अमेरिका का आरोप

इसके बाद मैनहट्टन की एक अदालत में अभियोग दायर किया गया जिसमें दावा किया गया कि निखिल गुप्ता नामक व्यक्ति ने पन्नू की हत्या की योजना बनाई थी. जिसमें एक भारतीय अधिकारी भी शामिल था. अभियोग में एक अज्ञात व्यक्ति 'सीसी-1' का उल्लेख किया गया है, जिसने कथित तौर पर भारत से पन्नू की हत्या की साजिश रची थी. आरोपों में कहा गया है कि उसने मई 2023 में पन्नू की हत्या की साजिश रचने के लिए कथित बिचौलिए निखिल गुप्ता को भर्ती किया था. वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह 'सीसी-1' विक्रम यादव था.  52 वर्षीय निखिल गुप्ता को 30 जून, 2023 को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था.

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, निखिल गुप्ता न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले सिख अलगाववादी पन्नू को मारने के लिए एक हत्यारे को 100,000 अमेरिकी डॉलर देने पर सहमत हुए थे. इसमें से 15 हजार डॉलर की एडवांस पेमेंट 9 जून 2023 को कर दी गई थी. लेकिन, जिस शख्स को इस काम के लिए हायर किया गया था, वह अमेरिकी एजेंसी का ही खुफिया एजेंट था. अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि एक अज्ञात भारतीय के निर्देश पर निखिल गुप्ता ने अमेरिका में पन्नू को मारने की साजिश रची थी. 

कौन हैं गुरपतवंत सिंह पन्नू? 

मूल रूप से पंजाब के नाथू चक गांव में से ताल्लुक रखने वाले पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है, वह आतंकवाद के आरोपों में भारत में वॉन्टेड है. पन्नू खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के मुखिया के रूप में काम करता है. खालिस्तान समर्थक पन्नू पेशे से वकील है और अलग सिख देश खालिस्तान की मांग को लेकर जनमत संग्रह का एक प्रमुख आयोजक रहा है.

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