दिल्ली में मानसिंह रोड का नाम बदलने की मांग क्यों कर रहे हैं AIMIM नेता आसिम वकार? देने लगे ये तर्क

AIMIM प्रवक्ता आसिम वकार ने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और मुगलकालीन शासकों के वंशजों को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है. उन्होंने मानसिंह और जयसिंह के नाम पर सड़कों के नामकरण पर सवाल उठाते हुए संपत्ति जब्ती की मांग की है.

तस्वीर: न्यूज़ तक

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News Tak Desk

31 Mar 2025 (अपडेटेड: 31 Mar 2025, 01:09 PM)

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता आसिम वकार ने न्यूज़ तक पर दिए गए अपने एक बयान में ऐतिहासिक व्यक्तियों और उनके वंशजों को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है. उन्होंने महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए वर्तमान सरकार से सवाल किया कि अगर ये उनके हीरो हैं, तो मानसिंह और जयसिंह जैसे उनके विरोधियों के वंशजों को सत्ता में क्यों जगह दी जा रही है. वकार ने मांग की कि मानसिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे लोगों की संपत्ति जब्त की जाए.

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मानसिंह ने नाम पर सड़क क्यों -वकार

देश की राजधानी दिल्ली में जो मुगल शासकों के नाम वाली सड़कों के साइन बोर्ड बदलने की मांग हो रही है. इस पर AIMIM के प्रवक्ता आसिम वकार ने कहा कि जो राजा मानसिंह रोड है, उसका नाम बदलकर महाराणा प्रताप रोड कर दीजिए. जयसिंह रोड का नाम राणा सांगा या पृथ्वीराज चौहान के नाम पर करें.वकार ने मुगलों और उनके सहयोगियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा, अगर मुगल खराब थे, तो मानसिंह और जयसिंह जैसे उनके साथी अच्छे कैसे हो सकते हैं? मानसिंह के वंशज आज कहां हैं, किस पार्टी में हैं?

उन्होंने पूछा कि मानसिंह ने नाम पर सड़क क्यों है? क्यों उसे नहीं बदला जाता ? वकार ने यह भी कहा कि शिवाजी महाराज को औरंगजेब की जेल में पहुंचाने वाले जयसिंह सवाई के वंशजों को सत्ता में क्यों जगह दी जा रही है. AIMIM प्रवक्ता ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनके पूर्वजों ने अंग्रेजों के साथ मिलकर रानी लक्ष्मीबाई के खिलाफ साजिश रची थी.

अंग्रेजों की कब्रें क्यों नहीं उखाड़ते?

वकार ने अपने बयान में मुगलों के साथ-साथ अंग्रेजों की क्रूरता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "औरंगजेब ने गुरु गोविंद सिंह के साहबजादों को कत्ल किया, यह क्रूरता थी, मैं स्वीकार करता हूं. लेकिन जलियांवाला बाग में अंग्रेजों ने 1500 लोगों को मारा, भगत सिंह को फांसी दी, उनकी कब्रें क्यों नहीं उखाड़ते? क्या आपकी अंग्रेजों से रिश्तेदारी है?" उन्होंने सरकार से पूछा कि अगर पुराने विवादों को उठाना है, तो अंग्रेजों के अत्याचारों पर चर्चा क्यों नहीं होती.

"हम मुगलों के वंशज नहीं"

वकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के मुसलमानों के पूर्वज मुगल नहीं हैं. उन्होंने कहा, "मेरे पूर्वज भी मुगल नहीं थे. पुराने विवादों को उठाना सरकार के ऊपर है. हम जैसा सरकार चाहेगी, उसके लिए तैयार हैं." उन्होंने बीजेपी प्रवक्ताओं से सवाल पूछते हुए कहा कि अगर मुगल लुटेरे थे, तो उनके सहयोगियों का क्या?

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