देश की राजधानी दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र नोएडा में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां के एक मकान में जब ED की रेड हुई तो टीम देखकर दंग रह गई. विज्ञापन, मार्केट रिसर्च और पब्लिक ओपनियन पोल की कंपनी होने का दावा और अंदरखाने में चल रहा था अश्लील खेल. टीम पहुंची तो कैमरे लगे थे. मॉडल्स आपत्तिजनक हालत में थीं और शूटिंग जारी थी.
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फिर इस पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया. विदेशों से करोड़ों में कमाई और मोटी रकम के लिए पोर्न शूटिंग के लिए तैयार हो जाने वाली मॉडर्ल्स की पूरी कहानी सामने आ गई. ED प्रवर्तन निदेशलाय की इस रेड में कई ऐसी जानकारियां सामने आईं जो बेहद चौंकाने वाली थीं.
ऐसे हुआ शक, रेड में हो गया खुलासा
कहानी शुरू हुई एक गलत परपज कोड से. उज्जवल किशोर और नीलू श्रीवास्तव के अकाउंट में विदेश से पैसे आए. पैसे का परपज कोड गलत बताया गया. बताया गया कि ये पैसे विज्ञापन और मार्केट रिसर्च के काम के बदले हैं. जांच करने पर 15.66 करोड़ रुपए की अवैध फॉरेन फंडिंग की बात सामने आई. इसके अलावा नीदरलैंड्स में भी एक बैंक अकाउंट का पता चला है जिसमें 7 करोड़ रुपये डाले गए थे. इस पैसे को इंटरनेशनल डेबिट कार्ड्स के जरिए भारत में कैश निकाला गया. इस तरह अब तक 22 करोड़ से अधिक विदेशों से कमाई की बात सामने आई है.
सामने आई ये कहानी
नोएड में रहने वाले उज्जवल किशोर और नीलू श्रीवास्ताव ने 'सबडिजी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक कंपनी बनाई. कहने तो ये कंपनी विज्ञापन, मार्केट रिसर्च और पब्लिक ओपनियन पोल्स से जुड़े काम करने का दावा करती थी पर सच्चाई कुछ और थी. FEMA नियमों के उल्लंघन के संदेह पर ED (प्रवर्तन निदेशलय) ने जांच शुरू की. पता चला कि इनके पास अलग-अलग तरह से 22 करोड़ रुपए विदेशों से आ चुके हैं. ऐसे में ईडी ने रेड की कार्रवाई.
रेड पड़ी तो उड़ गए होश
रेड पड़ी तो टीम के होश फाख्ता हो गए. एक कमरे में स्टूडियो बनाकर पोर्न की शूटिंग चल रही थी. मौके पर मॉडल्स भी मिली हैं जो न्यूड होकर वीडियो शूट करा रही थी. ईडी ने उनके भी बयान दर्ज किए है. मकान के बाहर कंपनी का बोर्ड लगा था. बताया जा रहा था कि ये कंपनी Subdigi Ventures Private Limited का दफ्तर है पर भीतर गंदा खेल चल रहा था.
पोर्न वीडियो व्यवसाय का हुआ खुलासा
पता चला कि कपल ने साइप्रस की एक कंपनी 'टेक्नियस लिमिटेड' से समझौता किया था. टेक्नियस लिमिटेड की ओर से 'एक्सहैम्सटर' (Xhamster) और 'स्ट्रिपचैट' (Stripchat) जैसी पोर्न वेबसाइट्स को ऑपरेट किया जाता है. इन्हीं वेबसाइट्स को पोर्न कंटेंट बेचकर पैसा लिया जा रहा था. ईडी मामले में और जांच कर रही है.
ऐसे झांसे में आती थीं मॉडल्स
ये कपल ऐसे लड़कियों की तलाश करता था जो गुड लुकिंग हों और मॉडलिंग में अपना कॅरियर बनाना चाहती हों. विज्ञापन जारी कर ऐसी लड़कियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था. सलेक्ट करने के बाद उन्हें स्टूडियो में ले जाकर सच्चाई बताई जाती थी. उन्हें भारी-भरकत रकम का ऑफर देकर झांसे में लिया जाता था. वीडियो शूट होने के बाद मिलने वाले पैसे का 25 फीसदी मॉडल को पेमेंट कर दिया था. 75 फीसदी पैसे कपल अपने पास रख लेता था. ईडी मॉडल्स से पूछताछ कर रही है. मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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