केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का संसद से ये शायराना अंदाज वायरल है. जब किरेन रिजिजू शेरो-शायरी कर रहे थे तब वक्फ बोर्ड बिल पेश कर रहे थे और उसी के बाद संसद में शुरू हुई हॉट डिबेट. किरेन रिजिजू तो ऐसे राज्य अरुणाचल से आते हैं जहां ऊर्दू तो क्या, हिंदी तक नहीं बोली जाती. देश में वक्फ बोर्ड बिल को लेकर महाभारत छिड़ी हुई है. नया कानून किरेन रिजिजू के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने बनाया है. वक्फ बिल को लेकर सेंटर में है रोल इसलिए चर्चित चेहरा बने हैं किरेन रिजिजू. किरेन रिजिजू जिस इलाके और जिस दौर में राजनीति में आए वो बीजेपी का नहीं था. तब अरुणाचल प्रदेश ही नहीं, समूचे उत्तर पूर्व राज्यों में बीजेपी जमने की कोशिश कर रहे थे. मोदी प्रधानमंत्री बने तो उत्तर पूर्व के सेवन सिस्टर्स स्टेट्स में बीजेपी का फोकस बढ़ा. मोदी ने लुक ईस्ट को एक्ट ईस्ट नाम दिया. ऐसे-ऐसे चेहरों की खोज होने लगी जो पार्टी का विस्तार कर सकें. किरेन रिजिजू इसी खोज से धीरे-धीरे बीजेपी में बढ़ने लगे और देखते-देखते मोदी सरकार के ताकतवर प्रभावशाली मंत्रियों में शामिल हो गए. पीएम मोदी ने इतना भरोसा जताया कि देश का कानून मंत्री बना दिया लेकिन 2023 में कुछ ऐसा हो गया जिसने सबको चौंका दिया. क्या है किरेन रिजिजू की पूरी कहानी, क्या है उनसे जुड़ा वो बड़ा विवाद जिससे उनके हाथ से चला गया कानून मंत्रालय और क्या है उनकी पर्सनल लाइफ की पूरी कहानी... बताएंगे चर्चित चेहरा के आज के इस एपिसोड में...