29 jan 2025
Credit: AI
फेफड़ों का कैंसर अब दुनिया भर में पुरुषों और महिलाओं दोनों की मौत की सबसे बड़ी वजह बन चुका है.
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पहले इसे सिर्फ धूम्रपान, जहरीले केमिकल्स और आनुवंशिक कारणों से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब वायु प्रदूषण भी एक बड़ी वजह बन गया है.
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हवा में मौजूद PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों में गहराई तक घुसकर स्थायी नुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर का खतरा बढ़ा देते हैं.
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गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, फैक्ट्रियों का कचरा और फॉसिल फ्यूल का जलना, ये सब मिलकर हवा को ज़हरीला बना रहे हैं, जिसे अब "नई सिगरेट" कहा जा रहा है.
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सबसे चिंता की बात यह है कि अब धूम्रपान न करने वाले लोग भी फेफड़ों के कैंसर के शिकार हो रहे हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि वे प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं.
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यह प्रदूषित हवा न सिर्फ फेफड़ों में जलन और सूजन पैदा कर रही है, बल्कि ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों को भी बढ़ावा दे रही है.
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भारत में बढ़ता वायु प्रदूषण अब इस कदर खतरनाक हो गया है कि बिना धूम्रपान किए भी लोग फेफड़ों के कैंसर का शिकार हो रहे हैं इनपुट: डॉ प्रभु प्रसाद एनसी, हेड, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी मणिपाल अस्पताल, गोवा
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